स्टाफ रिपोर्टर, एएनएम न्यूज़: ईद के मौके पर कोलकाता के रेड रोड पर टीएमसी सुप्रीमो व पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुस्लिम संप्रदायों के समर्थन में एक घोषणा की। उनके अनुसार वो धर्मनिरपेक्ष है और राज्य में मुस्लिम समुदाय को कोई भी रोक टोक नहीं करेगा। ईदगाह में नमाज अदा करने के बाद ममता बनर्जी ने मुस्लिम समुदाय को संबोधित करते हुए कहा - “आप अकेले मत समझिए, हम हर हाल में आपके साथ हैं।” “कोई भी आपको कहीं भी किसी प्रकार की रोक-टोक नहीं देगा। वहीं मालदा घटना पर ममता बनर्जी की चुप्पी सधी हुई क्यूं है। मालदा में एक मस्जिद के सामने पटाखे फोड़े जाने के बाद सांप्रदायिक हिंसा भड़क गई। एक तरफ तो ममता बनर्जी बोलती है कि वो धर्मनिरपेक्ष हैं लेकिन दूसरी तरफ मालदा घटना में हिंदू समुदाय के लिए ऐसा कोई समर्थन नहीं जताया। विपक्षी और गेरूआ शिविर समर्थकों ने सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री का धर्मनिरपेक्षता का नारा एकतरफा है क्या? बीजेपी ने आरोप लगाया है कि ममता बनर्जी ने ईद के मंच से हिंदू धर्म का अपमान किया है। ईद-उल-फितर की नमाज़ के दौरान ममता बनर्जी ने कहा कि मैं उस गंदा धर्म का समर्थन नहीं करती, जो इस जुमला पार्टी ने बनाया है। बीजेपी ने इस बयान पर कड़ा ऐतराज जताया और सवाल उठाया कि आखिर ममता किस धर्म को गंदा धर्म कह रही थीं? विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि ईद का मंच धार्मिक था या राजनीतिक? ममता बनर्जी को साफ तौर कहना चाहिए कि गन्दे धर्म से उनका क्या तात्पर्य है। ऐसा अधिकारी ने कहा। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दिखाते हुए कहl की सनातन धर्म गन्दा है? महाकुंभ को मृत्यु कुंभ ममता बनर्जी ने कहा। उन्होंने यह भी कहा कि हिंदू त्योहारों और परंपराओं का अपमान करना टीएमसी की नीति बन चुकी है। बीजेपी ने ममता बनर्जी पर हमला बोलते हुए कहा कि “ईद का मंच धार्मिक आयोजन था या टीएमसी की राजनीतिक रैली?”