भगवान श्री राम के प्रति हिंदुओं की अटूट आस्था का पर्व : श्री रामनवमी।

श्री रामनवमी पावन व आस्था त्यौहार प्रत्येक वर्ष चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाया जाता है। हिन्दू शास्त्रों के अनुसार मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम जी का जन्म इसी दिन हुआ था इसीलिए श्री राम जन्मोत्सव के रूप में भी इसे मनाया जाता है। 

author-image
Jagganath Mondal
New Update
Ramnavami

स्टाफ रिपोर्टर, एएनएम न्यूज़: श्री रामनवमी पावन व आस्था त्यौहार प्रत्येक वर्ष चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाया जाता है। हिन्दू शास्त्रों के अनुसार मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम जी का जन्म इसी दिन हुआ था इसीलिए श्री राम जन्मोत्सव के रूप में भी इसे मनाया जाता है। Shri Ram Family Tree: मंदिर भूमि पूजन आज, मिले करोड़ों भारतीयों के प्रभु  भगवान श्री राम से - Ram Mandir Bhumi Pujan Today: Shri Ram and his Family  Details & Know his

गोस्वामी तुलसीदास जी ने रामचरित मानस की रचना का आरम्भ अयोध्यापुरी में विक्रम सम्वत् 1631 (1574 ईस्वी) के रामनवमी इसी तिथि में किया था। उनके अनुसार श्री राम जी का वर्णन निम्न है _
भये प्रगट कृपाला दीनदयाला कौसल्या हितकारी।
हरषित महतारी मुनि मन हारी अद्भुत रूप बिचारी॥
लोचन अभिरामा तनु घनस्यामा निज आयुध भुज चारी।
भूषन वनमाला नयन बिसाला सोभासिन्धु खरारी॥
कह दुइ कर जोरी अस्तुति तोरी केहि बिधि करौं अनंता।
माया गुन ग्यानातीत अमाना वेद पुरान भनंता॥
करुना सुख सागर सब गुन आगर जेहि गावहिं श्रुति संता।
सो मम हित लागी जन अनुरागी भयउ प्रकट श्रीकंता॥

श्री रामचंद्र जी का जन्म चैत्र शुक्ल की नवमी के दिन पुनर्वसु नक्षत्र तथा कर्क लग्न में राजा दशरथ के घर माता कौशल्या की गोद से हुआ था। शास्त्रों के अनुसार त्रेता युग में भगवान विष्णु ने रावण के अत्याचार को समाप्त करने के उद्देश्य से मृत्यु लोक में श्री राम के रूप में अवतरित हुए थे। श्री रामनवमी का पवित्र त्यौहार आज से नहीं, कई हजार वर्षों से मनाया जा रहा है। श्री राम जी को भगवान विष्णु के सातवें अवतार के रूप में माना जाता है। उनका अवतार धरती पर अत्याचारियों और दुराचारियों को समाप्त कर धर्म की पुनः स्थापना के लिए हुआ था। Unknown Facts About Lord Rama Death By Expert In Hindi | unknown facts  about lord rama death | HerZindagi

श्री रामनवमी के त्यौहार के साथ ही माता दुर्गा के चैत्र नवरात्रि का समापन भी होता है इसीलिए इस त्यौहार का हिन्दू धर्म और संस्कृति में बहुत महत्व रखता है।  

श्री राम जी को समर्पित त्यौहार सर्वत्र बहुत ही आस्था, धूम धाम और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। श्री राम जन्मोत्सव के रूप में इस दिन कई मंदिरों में भव्य भजन कीर्तन, श्रृंगार, भोग प्रसाद वितरण का आयोजन भी किया जाता है।