एएनएम न्यूज़, ब्यूरो: लोक आस्था और सूर्य उपासना का महापर्व चैती छठ आज, 1 अप्रैल से नहाय-खाय के साथ शुरू हो गया। चार दिनों तक चलने वाला यह पर्व चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि से आरंभ होता है और श्रद्धालु पूरे नियम-कायदे के साथ इस व्रत का पालन करते हैं। आज से चार दिनों तक चलने वाले इस पवित्र पर्व की शुरुआत नहाय-खाय के साथ हुई। यह पर्व विशेष रूप से सूर्य देव और छठी मैया की उपासना के लिए जाना जाता है। चैती छठ मुख्य रूप से चैत्र मास में मनाया जाता है, जो हिंदू पंचांग के अनुसार साल का पहला महीना होता है। इसे छठ पर्व के कार्तिक महीने में मनाए जाने वाले महापर्व जितना ही महत्वपूर्ण माना जाता है।
चैती छठ का विशेष महत्व है क्योंकि यह प्रकृति, जल और सूर्य की उपासना का पर्व है। इस पर्व में न केवल आत्मशुद्धि का संदेश है, बल्कि यह सामाजिक समरसता और परिवारिक एकता को भी मजबूत करता है। ऐसा माना जाता है कि इस व्रत के प्रभाव से संतान प्राप्ति, सुख-समृद्धि और रोगों से मुक्ति मिलती है।