चैती छठ पूजा सम्पूर्ण विवरण

लोकआस्था, विश्वास और भगवान सूर्य का महापर्व चैती छठ चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि से सप्तमी तिथि तक पूरे श्रद्धा भाव के साथ बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश के अलावे और भी कई राज्यों में बड़े धूम धाम से मनाया जाता है।

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Jagganath Mondal
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Chaiti Chhath Puja Full Details

Chaiti Chhath Puja Full Details

स्टाफ रिपोर्टर, एएनएम न्यूज़: लोकआस्था, विश्वास और भगवान सूर्य का महापर्व चैती छठ चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि से सप्तमी तिथि तक पूरे श्रद्धा भाव के साथ बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश के अलावे और भी कई राज्यों में बड़े धूम धाम से मनाया जाता है। 4 दिनों के इस महापर्व की तपती धूप और गर्मी के बीच बहुत महत्ता है। चैती छठ के दौरान छठ गीत गाए जाते हैं। निर्जला व्रत रखा जाता है। आज नहाए खाए से इस व्रत की शुरुआत हुई। 


चैती छठ नहाय खाय।
चैती छठ पूजन के प्रथम दिन चैत्र शुक्ल चतुर्थी तिथि आज 1 अप्रैल को नहाय खाय सम्पन्न हुआ। इस दिन व्रती पवित्र नदी, तालाब में स्नान करने के पश्चात पूरी सफाई और शुद्धता के साथ बनाया गया भोजन ग्रहण किया जाता है। भोजन में कद्दू की सब्जी, चावल और चने की दाल आदि होती है। नहाय खाय के जरिए व्रती का तन और मन शुद्ध होता है। इसके पश्चात लगातार 3 दिनों का कठिन व्रत किया जाता है।


चैती छठ खरना तिथि।

चैती छठ पूजन के दूसरे दिन चैत्र शुक्ल पंचमी तिथि यानी 2 अप्रैल को खरना होगा। इसमें निर्जला व्रत रखा जाता है। पवित्रता और शुद्धता  के साथ बनाई गई गुड़ की खीर, पूड़ी,पराठा, फल आदि का सेवन किया जाता है।  


चैती छठ पर्व, सायं अर्घ्य।
चैती छठ पूजन का तीसरा दिन यानी चैत्र शुक्ल षष्ठी तिथि (3 अप्रैल) महत्वपूर्ण दिन होता है। इस दिन व्रती शाम के समय पवित्र नदी या तालाब के किनारे सूर्य देव को अर्घ्य देते हैं। प्रसाद में ठेकुआ, फल इत्यादि सूप में सजाकर अर्घ्य दिया जाता है।


चैती छठ पारन।
चैती छठ पूजन के चौथे और अंतिम दिन चैत्र शुक्ल सप्तमी तिथि यानी 4 अप्रैल को पारन किया जाएगा। इसमें उगते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है। उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ प्रसाद वितरण कर व्रत और छठ पूजा की समाप्ति होती है। मान्यता है कि चैती छठ मनोकामना पूरी होने का पर्व है। दीवाली के बाद होने वाली छठ की तरह यह छठ सभी लोगों नहीं करते हैं। इसलिए इसमें ज्यादा भीड़ नहीं होती है। धारणा यह है कि जिनकी मनोकामना पूरी हो जाती है वे चैती छठ व्रत करते हैं।april